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  • ओ भिना कस के जानू द्वारिहाटा
    उत्तराखंड का एक बहुप्रचलित और लोकप्रिय गीत है “ओ भिना कस के जानू द्वारिहाटा” जो लगभग हर शादी ब्याह में महिला संगीत या महिला होली में गाया जाता है। इस गीत में जीजा-साली के बीच की प्यार भरी नौंक-झौंक का वर्णन है जैसा कि एक अन्य गाने “रुपसा रमौती घुंघुंर नी बाजा” में भी मिलता [...] […]
  • सुमा हे निहोणया सुमा डांडा नजा
    उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके में ग्रामीण लोगों का जीवन जंगलों पर काफी हद तक निर्भर है। जंगलों में जाकर ईंधन के लिये लकड़ी और पशुओं के चारे के लिये घास लाना गांवों की महिलाओं की दिनचर्या का एक हिस्सा है। समय समय पर जंगलों में इन महिलाओं पर जानवरों द्वारा हिंसक हमलों की घटनाऐं होती [...] […]
  • अबैरी दां तू लssम्बी छुट्टी लै के ऐई
    आज एक ओर आधुनिकता और विकास की अन्धी दौड़ में मानवीय संवेदनाएं और आपसी रिश्ते धूमिल होते जा रहे हैं और वहीं मानव सभ्यता की कई धरोहरें भी मनुष्य की बढ़ती जरूरतों की भेंट चढ रही हैं। महानगरों में रह रहे लोगों के वातानुकूलित कमरों और चमचमाती सड़कों के लिये रोशनी पैदा करने की खातिर [...] […]
  • मेरा डांडी काण्ठियों का मुलुक जैल्यु…
    पहाड़ वैसे तो हर मौसम में अपनी प्राकृतिक सुन्दरता से लोगों का मन मोह लेते हैं लेकिन वसंत ऋतु में उनकी सुन्दरता देखने लायक होती है। इसीलिये नरेन्द्र सिंह नेगी उत्तराखंड जाने वालों को सलाह देते हैं कि “मेरा डांडी काण्ठियों का मुलुक जैल्यु, बसन्त रितु मा जैयि” अर्थात अगर मेरे पहाड़ी देश में जाना [...] […]
  • माछी पाणी सी ज्यू तेरु मेरु
    "माछी-पाणी सी ज्यू तेरु मेरु " …यह एक विरह रस का बहुत ही प्यारा गाना है। इस गाने के दो वीडियो रिलीज हुए हैं। पहले वीडियो में इस गीत को नरेन्द्र सिंह नेगी और मीना राणा द्वारा गाया गया है। यह गीत एलबम "ठंडो रे ठंडो" से लिया गया है और इसके ऑडियो और वीसीडी [...] […]

Uttarakhand Truly a Devbhoomi

Uttarakhand Truly a Devbhoomi

Hanuman Chatti (7200 feet) is a small hamlet a few miles from Gaurikund, the name “chatti” indicates that it was at one time a night stop on the pilgrim road. Sanyasis from the Juna Akhara live there now during the pilgrim season, where they care for several small temples (the main one to Hanuman, shown here), where the passing pilgrims provide a steady stream of potential patrons (no one is here now because I took this photo in November). The flat platform to the left of the temple is the samadhi shrine of Himalaya Giri, a sanyasi who must have lived in that spot for many seasons. So at this site are two nodes of holiness for Hindus: a temple to a deity, and a memorial to a renunciant ascetic.

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